नौ मुखी रुद्राक्ष
नौ मुखी रुद्राक्ष माँ दुर्गा (नवदुर्गा) का प्रतीक माना जाता है। इसमें नौ प्राकृतिक मुख (रेखाएँ) होती हैं। यह रुद्राक्ष शक्ति, साहस, निर्भयता और आत्मरक्षा का प्रतीक है। इसे धारण करने से नकारात्मक शक्तियों, भय और मानसिक दुर्बलता से रक्षा होती है।
प्रमुख लाभ
- नकारात्मक ऊर्जा, तंत्र-मंत्र और भय से रक्षा
- साहस, आत्मबल और आत्मविश्वास में वृद्धि
- क्रोध, चिड़चिड़ापन और मानसिक कमजोरी पर नियंत्रण
- मानसिक स्थिरता और आंतरिक शक्ति
- जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा और ऊर्जा
- आध्यात्मिक शक्ति और आत्मरक्षा कवच
धारण करने की विधि
- नौ मुखी रुद्राक्ष को चांदी या पंचधातु में धारण करना शुभ माना जाता है
- इसे गले में लॉकेट या दाएँ हाथ की कलाई में पहन सकते हैं
- धारण से पूर्व:
- गंगाजल या शुद्ध जल से शुद्ध करें
- “ॐ ह्रीं हुं नमः” या
“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें
कौन-सा दिन धारण करें?
- मंगलवार – सर्वश्रेष्ठ दिन
- नवरात्रि या अमावस्या विशेष फलदायी
- समय: प्रातः स्नान के बाद
ज्योतिषीय जानकारी
- नौ मुखी रुद्राक्ष का संबंध केतु ग्रह से माना जाता है
- यह कुंडली में केतु दोष, भय और भ्रम को शांत करता है
- यह मूलाधार व स्वाधिष्ठान चक्र को संतुलित करता है
- आध्यात्मिक जागृति और साहस को बढ़ाता है
कौन धारण कर सकता है?
- जो भय, असुरक्षा या नकारात्मक प्रभाव महसूस करते हों
- पुलिस, सुरक्षा, सेना या साहसिक क्षेत्रों से जुड़े लोग
- जिनकी कुंडली में केतु दोष हो
- साधक, शक्ति उपासक और आध्यात्मिक साधना करने वाले
- स्त्री एवं पुरुष दोनों धारण कर सकते हैं
ध्यान दें: नौ मुखी रुद्राक्ष प्राकृतिक, प्रमाणित और पूर्ण मुखों वाला होना चाहिए। नकली या क्षतिग्रस्त रुद्राक्ष से अपेक्षित लाभ नहीं मिलता।






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