शत्रु बाधा निवारण पूजन
(Shatru Badha Nivaran Pujan)
शत्रु बाधा निवारण पूजन जीवन में उत्पन्न हो रही शत्रुजनित परेशानियों, षड्यंत्र, विरोध, ईर्ष्या, मुकदमेबाज़ी, मानहानि तथा नकारात्मक शक्तियों की शांति हेतु किया जाने वाला एक प्रभावशाली वैदिक तांत्रिक अनुष्ठान है। जब व्यक्ति बिना कारण विरोध का सामना कर रहा हो, कार्य बनते-बनते बिगड़ जाते हों, व्यापार या नौकरी में प्रतिस्पर्धा हानि पहुँचा रही हो या कुंडली में शत्रु कारक ग्रह पीड़ित हों, तब यह पूजन विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार षष्ठ भाव, अष्टम भाव या द्वादश भाव की पीड़ा अशुभ स्थिति तथा प्रतिकूल दशा–अंतरदशा व्यक्ति के जीवन में शत्रु, विरोधी और अदृश्य बाधाएँ उत्पन्न करती हैं। शत्रु बाधा निवारण पूजन में से संबंधित ग्रह देवताओं का विधिपूर्वक आवाहन कर शत्रुओं की नकारात्मक बुद्धि, वाणी और कर्म को निष्क्रिय करने की प्रार्थना की जाती है।
पूजन की प्रक्रिया शुद्ध संकल्प से आरंभ होती है, जिसमें साधक की समस्या और सुरक्षा कामना स्पष्ट की जाती है। इसके पश्चात विशेष मंत्र-जप, स्तंभन एवं रक्षा हेतु हवन, तथा शत्रु बाधा शांति के लिए दान-विधान संपन्न किया जाता है। यह अनुष्ठान साधक के चारों ओर एक आध्यात्मिक सुरक्षा कवच का निर्माण करता है, जिससे शत्रुओं की योजनाएँ निष्फल होने लगती हैं और भय, तनाव तथा असुरक्षा की भावना दूर होती है।
शत्रु बाधा निवारण पूजन के प्रमुख लाभ
- शत्रुओं और विरोधियों पर विजय
- मुकदमे, विवाद एवं कानूनी परेशानियों में राहत
- षड्यंत्र, ईर्ष्या और नकारात्मक प्रभावों की शांति
- कार्यस्थल व व्यवसाय में स्थिरता और सुरक्षा
- भय, तनाव और मानसिक दबाव में कमी
- आत्मविश्वास, निर्णय-शक्ति और साहस में वृद्धि
- अदृश्य सुरक्षा एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार






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