एक मुखी रुद्राक्ष
एक मुखी रुद्राक्ष को रुद्राक्षों का राजा माना जाता है। यह भगवान शिव का साक्षात स्वरूप है। इसमें केवल एक प्राकृतिक रेखा (मुख) होती है। यह अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली रुद्राक्ष है, जो आत्मज्ञान, वैराग्य और मोक्ष का प्रतीक माना जाता है।
प्रमुख लाभ
- मानसिक शांति और स्थिरता प्रदान करता है
- ध्यान, साधना और आध्यात्मिक उन्नति में सहायक
- अहंकार, भ्रम और नकारात्मक विचारों को दूर करता है
- आत्मविश्वास एवं निर्णय शक्ति को बढ़ाता है
- तनाव, अवसाद और अनिद्रा में लाभकारी
- जीवन में स्पष्टता और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा
धारण करने की विधि
- रुद्राक्ष को सोने या चांदी में जड़वाकर धारण करें
- इसे गले में लॉकेट या हृदय के पास पहनना श्रेष्ठ माना जाता है
- धारण करने से पहले रुद्राक्ष को
- गंगाजल या शुद्ध जल से स्नान कराएँ
- “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें
कौन-सा दिन धारण करें?
- सोमवार – सबसे उत्तम दिन
- महा शिवरात्रि – विशेष शुभ
- समय: प्रातः सूर्योदय के बाद
ज्योतिषीय जानकारी
- एक मुखी रुद्राक्ष का संबंध सूर्य ग्रह से माना जाता है
- यह कुंडली में सूर्य दोष, आत्मबल की कमी एवं नेतृत्व की कमजोरी को दूर करता है
- यह सहस्रार चक्र को सक्रिय करता है
- साधक को आध्यात्मिक ऊर्जा और दिव्य अनुभूति प्रदान करता है
कौन धारण कर सकता है?
- साधक, योगी, ध्यान करने वाले व्यक्ति
- जो आत्मज्ञान या मोक्ष मार्ग पर चलना चाहते हों
- नेतृत्व, प्रशासन, राजनीति या उच्च पद पर कार्यरत लोग
- गुरु, शिक्षक, ज्योतिषी एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शक
- स्त्री और पुरुष दोनों धारण कर सकते हैं
ध्यान दें: एक मुखी रुद्राक्ष शुद्ध, प्रमाणित और प्राकृतिक होना अत्यंत आवश्यक है। नकली रुद्राक्ष से लाभ नहीं मिलता।






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