सात मुखी रुद्राक्ष
सात मुखी रुद्राक्ष माता महालक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसमें सात प्राकृतिक मुख (रेखाएँ) होती हैं। यह रुद्राक्ष धन, समृद्धि, सौभाग्य और आर्थिक स्थिरता प्रदान करने वाला माना जाता है। विशेष रूप से यह गरीबी, कर्ज और आर्थिक रुकावटों को दूर करने में सहायक माना गया है।
प्रमुख लाभ
- धन आगमन के नए स्रोत खोलता है
- व्यापार और नौकरी में उन्नति
- कर्ज, आर्थिक संकट और हानि से रक्षा
- मानसिक तनाव और चिंता में कमी
- गृहस्थ जीवन में स्थिरता और सुख
- दीर्घकालिक समृद्धि और सौभाग्य
धारण करने की विधि
- सात मुखी रुद्राक्ष को चांदी में धारण करना विशेष शुभ माना जाता है
- इसे गले में लॉकेट या दाएँ हाथ की कलाई में पहन सकते हैं
- धारण से पूर्व:
- गंगाजल या शुद्ध जल से शुद्ध करें
- “ॐ हूं नमः” या
“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें
कौन-सा दिन धारण करें?
- शुक्रवार – सर्वश्रेष्ठ दिन
- पूर्णिमा या दीपावली विशेष फलदायी
- समय: प्रातः स्नान के बाद
ज्योतिषीय जानकारी
- सात मुखी रुद्राक्ष का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है
- यह कुंडली में शनि दोष, दरिद्र योग और आर्थिक रुकावटों को शांत करता है
- यह मूलाधार चक्र को सशक्त करता है
- जीवन में स्थिरता, अनुशासन और कर्मबल बढ़ाता है
कौन धारण कर सकता है?
- व्यापारी, नौकरीपेशा और उद्यमी
- कर्ज या आर्थिक संकट से जूझ रहे व्यक्ति
- गृहस्थ जीवन में स्थिरता चाहने वाले
- जिनकी कुंडली में शनि दोष या धन अवरोध हो
- स्त्री एवं पुरुष दोनों धारण कर सकते हैं
ध्यान दें: सात मुखी रुद्राक्ष प्राकृतिक, प्रमाणित और पूर्ण मुखों वाला होना चाहिए। नकली या क्षतिग्रस्त रुद्राक्ष से अपेक्षित लाभ नहीं मिलता।






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