लाजवर्त क्यों पहना जाता है?
यह रत्न बुद्धि, गहराई, आत्मचिंतन और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है।
लाजवर्त पहनने के प्रमुख लाभ
• मानसिक शांति
• नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा
• बुद्धि व विवेक
• करियर में स्थिरता
• आध्यात्मिक उन्नति
• वाणी में प्रभाव
लाजवर्त कौन पहन सकता है?
• जिनकी कुंडली में शनि या राहु कमजोर हो
• जो संवेदनशील स्वभाव के हों और तीव्र रत्न नहीं पहन सकते
• विद्यार्थी, शोधकर्ता, लेखक, काउंसलर, आध्यात्मिक साधक
लाजवर्त पहनने की विधि (संक्षेप में)
• धातु: चाँदी
• उंगली: मध्य उंगली या छोटी उंगली (कुंडली अनुसार)
• दिन: शनिवार
• मंत्र: ॐ शं शनैश्चराय नमः या ॐ रां राहवे नमः (108 बार)
महत्वपूर्ण:
लाजवर्त सौम्य रत्न है, फिर भी कुंडली जाँच के बाद पहनना सर्वोत्तम माना जाता है।






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